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:: चन्नी
चॉला खोटा होग्या
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तूं फूलाँ की ढॉल महका करती
मैं भँवरा-सा चहका करता
दोनुआँ की ज़ॉन नै चॉला ख़ोटा होग्या
चन्नी तू भी मोटी होगी अर मैं भी मोटा होग्या
सिंगर डोर कै हिरनी बन कै, तू कॉलेज मैं आया करती
जुल्फां के तू झटके मारै, छौराँ नै भरमाया करती
काचे कुर्ते गाड़ कै नै, मैं भी सब पै छाया करता
तेरी नई साईकल की टोकरी मै, लूक के फूल सजाया करता
ना इब तूं रही सुराही जैसी, मैं भी फूट्या लोटा होग्या
चन्नी तू भी मोटी होगी अर मैं भी मोटा होग्या
राताँ नै जाग-जाग सपने दैखदा, लैला-मजनूं के भेष के
मेरी किताब सारी रही सिसकती, मैं गाणे सुणूँ मुकेश के
तेरा साथ करण की ख़ातर दो बार मैं होया फेल
और के गेल्याँ ब्याह करवागी, मेरा उल्टा पड़ग्या खेल
तूँ किसै के बागां की बणी मोरनी, मैं पंचायती झोटा होग्या
चन्नी तू भी मोटी होगी अर मैं भी मोटा होग्या
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कदे-कदे
तू मिले मार्किट में, दिल में होवै हंगामा जी
तेरे गेल्याँ बालक, मन्नै डर लागै, कदे न्यू ना कहदे मामा जी
तू भी चॉली जब आवै दूर तैं, जाणूँ हाथी का बच्चा-सा
आज मैं भी होग्या मोटा तोंदूँ, देख कै जी होवै कच्चा-सा
टॉट लागगी चमकण चांद-सी, बॉलां का टोटा होग्या
चन्नी तू भी मोटी होगी अर मैं भी मोटा होग्या
समय बीत ग्या चॉला कर दिया, म्हारी किस्मत बैहड़ी नै
दिल भर आवै सै जब देखूँ, उस गोलगप्पाँ की रेहड़ी नै
बड़े-बड़याँ की कमर तोड़ दै या बख़्त की लॉठी रै
गये दिनाँ नै याद करैं वो राताँ नै रोवै राठी रै
गई जवानी ना लौट कै आवै
चन्नी तू भी मोटी होगी अर मैं भी मोटा होग्या |
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