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:: बाज़ार
मैं घर खटाया ना करते
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बेअक्लाँ नै समझाया ना करते
बेप्रीत गेल निभाया ना करते
ज़िन्दगी नै न्यू सताया ना करते
बाज़ार मैं घर खटाया ना करते
चाहे बरसै नैनाँ नीर-नीर
चाहे तन की होज्या लीर-लीर
चितया-माण्ड्या हर चीर-चीर
चाहे रोवै माँ-बाप, बाहण-बीर
बस आगले-ए घर मैं सै सीर-सीर
बेटी नै घराँ बिठाया ना करते
बाज़ार मैं घर खटाया ना करते
चाहे बिगड़ै सारा हाल-हाल
चाहे बदलै दुनिया चाल-चाल
चाहे बिखा मैं बितैं साल-साल
मन पावै कितणा कॉल-कॉल
अर तन की उतरै छाल-छाल
सत तैं ध्यान हटाया ना करते
बाज़ार मैं घर खटाया ना करते
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स्यान
ना भूलण मैं सै शॉन-शॉन
बड़याँ का कहणा तू मान-मान
बालकां का राखै ध्यान-ध्यान
तेरी ताक मैं बैठ्या सारा ज़हान
बोल बख़त के पिछाण-पिछाण
रोते नै और रूलाया ना करते
बाज़ार मैं घर खटाया ना करते
बात तेरी जाणो बणी-बणी
कितका बणरया तू धनी-धनी
कदे बिक ना ज्या तेरी कणी-कणी
पीया कर बस छणी-छणी
नी तो बख़्त की लाठी तणी-तणी
भैंस बेच कै घोड़ी बिसाया ना करते
बाज़ार मैं घर खटाया ना करते |
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