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:: बख़त
तैं आइये
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दिखे रे बेटा, बख़त तैं आइये
उनकी बातां मैं मत आइये
दिखे रे बेटा, बख़त तैं आइये
बख़त तै आइये, तेरी बाट आड़ै सारयां नै
भूल मत जाइये, काबू राखिए आपणे विचारां नैं
उड़े के लोग सैं बड़ै चातर, दिखे तनै बहकावैंगे
झूठी माया के लोभ मैं पड़कै, बहक मत जाइये
दिखे रे बेटा, बख़त तैं आइये
तावला आइये, बाट देखै सै या बूढ़ी मात तेरी
सुबह शाम बस एकै सहारा याद तेरी अर बात तेरी
पक्की सरड़क देख कै ना बिसराहइये गाम की गॉलां नै
सोवैगा तो याद तू करिये उन सांझ की सीली बॉला नै
शहर की तपती लूआं नै उड़ै-ए छोड आइये
दिखे रे बेटा, बख़त तैं आइये
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आपणा
घर, आपणा गाम छोड कै तो तू चाल पड़या
आपणी धरती आपणी माँ तैं मुँह मोड़ कै तो तू चाल पड़या
पर बैठ कै मोटर-लारी मैं, गाम की राही भूल तो ना जागा
तेरा सादा बाणा स्कूल का जाणा, तख्ती-स्याही भूल तो ना जागा
बैठ ऊँची अटारी पै, आपणी झोपड़ी की हांसी मत उड़ाइये
दिखे रे बेटा, बख़त तैं आइये
तू आसमान पै चढ़, आगै बढ़, पर इतणा कहण पुगाईये रे
जुणसे भूले बैठे सैं गाम न, उननै जाकै याद दुवाइये रे
कहिए उननै, गाम के रूख उनकी बाट मैं लहरावैं सैं
रेल कै टेशण धौरे, कबड्डी खेलण प्यारे मित्तर बलावैं सैं
चोरी तै खेत के कचरे तोड़ण का मीट्ठा उलाहणा लाईये
दिखे रे बेटा, बख़त तैं आईये |
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